This Blog is dedicated to the Lotus Feet of my Spiritual Master - Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj, who is the Descension of the Bliss of Divine Love, who is illuminating the entire world with light of His Vedic and Yogic knowledge of our Scriptures. Jai Shree Radhey!!!
Monday, August 27, 2012
भगवान की सेवा से भगवान की कृपा मिलेगी, उनका प्यार मिलेगा, अंत:करण शुद्ध होगा और वो तुम्हारा योगक्षेम वहन करेंगे।
------श्री महाराजजी।
परिपूर्ण तो कोई है नहीं,कमी सबमे है, लेकिन उस कमी को भी कोई सुनना नहीं चाहता।
------श्री कृपालु महाप्रभु।
वे सदा से हम पर निगरानी रखते हैं। हमारे हर संकल्प, हर क्रिया को, हर क्षण ,हमारे साथ रहकर देखा करते हैं। यह हमारी ही कमी है की हम उन्हे अपने साथ सदा महसूस नहीं कर पाते। बस पूर्ण दीन अतिदीन होकर अपनी इंद्रिय मन बुद्धि को उनके चरणों में सदा-सदा के लिए अर्पित कर दो। केवल उनकी आज्ञा ही हमारा चिंतन और उसका पालन ही हमारा काम है। बस इतनी साधना है। इसी बात पर आँसू बहाकर उनके चरणों को धोकर पी लो कि हम उन्हे सदा साथ-साथ महसूस क्यो नहीं करते।
-------जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज।
------श्री महाराजजी।
परिपूर्ण तो कोई है नहीं,कमी सबमे है, लेकिन उस कमी को भी कोई सुनना नहीं चाहता।
------श्री कृपालु महाप्रभु।
वे सदा से हम पर निगरानी रखते हैं। हमारे हर संकल्प, हर क्रिया को, हर क्षण ,हमारे साथ रहकर देखा करते हैं। यह हमारी ही कमी है की हम उन्हे अपने साथ सदा महसूस नहीं कर पाते। बस पूर्ण दीन अतिदीन होकर अपनी इंद्रिय मन बुद्धि को उनके चरणों में सदा-सदा के लिए अर्पित कर दो। केवल उनकी आज्ञा ही हमारा चिंतन और उसका पालन ही हमारा काम है। बस इतनी साधना है। इसी बात पर आँसू बहाकर उनके चरणों को धोकर पी लो कि हम उन्हे सदा साथ-साथ महसूस क्यो नहीं करते।
-------जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज।
"If someone continuously has association of a true Saint, continuously listens to Him, understands Him, then in a few days faith will arise on its own. And if there is faith, love will automatically come. If there is loving devotion – he would get real devotion and then finally fulfill his ultimate aim".
- Jagadguru Shree Kripaluji Maharaj.
Subscribe to:
Posts (Atom)
मन का अटैचमेंट किसमें करें?
एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...
-
Baar Baar suno, Baar Baar suno, tab tatvagyan paripakva hoga. Ye jo hum Logo ko Brham hota hai ki yeh to maine bahut suna hai, yeh to mein j...
-
गुरु में हरिबुद्धि रखो सदा गुरुधामा | नरबुद्धि आने नहिं पाये आठु यामा || गुरु के प्रति सदैव भगवद् बुद्धि ही रखो | निरन्तर यह सावधानी र...
-
ए # मनुष्यों ! # मानव_देह प्राप्त हुआ है , # भगवतप्राप्ति के लिये केवल, इसकाे मत गँवाओ, व्यर्थ # भाेग_विलास में केवल लिप्त रह कर...




















