Wednesday, September 5, 2012

True detachment means neither to love nor to hate anyone in the material world.
----Jagadguru shri kripaluji maharaj.


One meets Guru as a result of their destiny. However, one will have to practice devotion (do sadhana) in order to meet God. Everyone must be aware of this very truth!


O Govind Radhey! You reside in everyone's heart. Make this faith deep seated in my heart.

SIR,O SIR! WE LOVE YOU.

HAPPY TEACHER'S DAY TO ALL OF YOU.RADHEY RADHEY.

Monday, September 3, 2012





"Radha and Krishn love you more than you imagine".
----Jagadguru Shree Kripaluji Maharaj.



विश्व शान्ति................

यदि विश्व के सभी मनुष्य श्रीकृष्ण भक्ति रूपी शस्त्र को स्वीकार करले, तो समस्त देशों का,समस्त प्रांतों का,समस्त नगरों का,समस्त परिवारों का झगड़ा ही समाप्त हो जाये।केवल येहि मान ले की सभी जीव, श्रीकृष्ण के पुत्र हैं।अत: परस्पर भाईभाई हैं।पुनः सभी जीवों के अंत:करण में श्रीकृष्ण बैठे हैं।
अतएव किसी के प्रति भी हेय बुद्धि,निंदनीय है।वर्तमान विश्व में इस सिद्धान्त पर किसी भी राजनीतिज्ञों का ध्यान नहीं जाता अतएव अन्य भौतिक उपायों से शांति के स्थान पर क्रांति उत्तरोतर भढती जा रही है। केवल उपर्युक्त भावों के भरने से ही विश्वशान्ति संभव है।-------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज.



विश्व में चेतन अथवा अचेतन सभी प्राणियों में श्री कृष्ण को देखना ही सिद्धि है.

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...