Saturday, January 19, 2013

Learn to control your anger even if someone commits a mistake.
कोई गलती करेगा तो क्रोध सबको आता है। उसपर कन्ट्रोल करना सीखे।

-jagadguru shri kripalu ji maharaj.

 

JAGADGURU SHRI KRIPALU JI MAHARA WAS HONOURED WITH THE DIGNITY OF JAGADGURUTTAM ON 14 JAN 1957 BY-KASHI VIDVAT PARISHAT.
JAGADGURU SHRI KRIPALU JI MAHARA WAS HONOURED WITH THE DIGNITY OF JAGADGURUTTAM ON 14 JAN 1957 BY-KASHI VIDVAT PARISHAT.

 

One should not talk about any other topic besides God and matters relating to His service.
-------jagadguru shri kripalu ji maharaj.
One should not talk about any other topic besides God and matters relating to His service. 
-------jagadguru shri kripalu ji maharaj.

 

बिना महापुरुष की शरणागति के और बिना महापुरुष की कृपा के भगवत्प्राप्ति असंभव है !

*********जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु महाप्रभु .
अपने तन , मन , प्राणों का समर्पण कर हरि एवं गुरु की दिव्य सम्पति के अधिकारी बन जाओ !

*******जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज .
अपने तन , मन , प्राणों का समर्पण कर हरि एवं गुरु की दिव्य सम्पति के अधिकारी बन जाओ !

*******जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज .

 

गुरु भगीरथ प्रयास करके जीव के अशुद्ध मन को शुद्ध करता है और शुद्ध करने के पश्चात् उसे भगवान् को समर्पित करवाता है ! अर्थात शुद्ध होने पर ही भगवान् की स्वरूप शक्ति द्वारा वह दिव्य बन कर भगवत्प्रेम प्राप्ति का अधिकारी बनता है ! तब भगवत्प्राप्ति होती है !

*************जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु महाप्रभु .
गुरु भगीरथ प्रयास करके जीव के अशुद्ध मन को शुद्ध करता है और शुद्ध करने के पश्चात् उसे भगवान् को समर्पित करवाता है ! अर्थात शुद्ध होने पर ही भगवान् की स्वरूप शक्ति द्वारा वह दिव्य बन कर भगवत्प्रेम प्राप्ति का अधिकारी बनता है ! तब भगवत्प्राप्ति होती है !

*************जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु महाप्रभु .

 

प्रिया प्रियतम का रूपध्यान करते हुये उनके नाम ,रूप ,लीला , गुण ,धाम आदि का रो रो कर गायन करो !

>>>>>>>>जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु महाप्रभु<<<<<<<<<
प्रिया प्रियतम का रूपध्यान करते हुये उनके नाम ,रूप ,लीला , गुण ,धाम आदि का रो रो कर गायन करो !

>>>>>>>>जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु महाप्रभु<<<<<<<<<

 

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...