Thursday, April 4, 2013

जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज के अनुसार समस्त वेदों शास्त्रों का सार 'राधा नाम' ही है। श्री राधाकृष्ण नाम, रूप, लीला, गुण, धाम का निरंतर गुणगान ही उनकी प्रमुख शिक्षा है जो वे सभी साधकों को बताते हैं।
जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज के अनुसार समस्त वेदों शास्त्रों का सार 'राधा नाम' ही है। श्री राधाकृष्ण नाम, रूप, लीला, गुण, धाम का निरंतर गुणगान ही उनकी प्रमुख शिक्षा है जो वे सभी साधकों को बताते हैं।




Your rise and fall depend on your thinking.so do not keep your mind idle.do not let it be influenced by the company of the wrong people.donot listen to the wrong people.throw out all their words which you have heard,just as you spit out the grit which was mixed with your food.
Always retain the thought of your 'GURU' in your mind and heart.

-JAGADGURU SHRI KRIPALUJI MAHARAJ.
Your rise and fall depend on your thinking.so do not keep your mind idle.do not let it be influenced by the company of the wrong people.donot listen to the wrong people.throw out all their words which you have heard,just as you spit out the grit which was mixed with your food.
 Always retain the thought of your 'GURU' in your mind and heart.

 -------JAGADGURU SHRI KRIPALUJI MAHARAJ.

 



अपने इष्टदेव को सदा अपने साथ महसूस करो। यानी कभी भी अपने आपको को अकेला न समझो। जब कभी मक्कारी का विचार पैदा हो। तुरन्त यह सोचो कि वे देख रहे हैं।"
------जगद्गुरु कृपालु जी महाराज.

"अपने इष्टदेव को सदा अपने साथ महसूस करो। यानी कभी भी अपने आपको को अकेला न समझो। जब कभी मक्कारी का विचार पैदा हो। तुरन्त यह सोचो कि वे देख रहे हैं।"
!!------जगद्गुरु  कृपालु जी महाराज------!!

 



कल करेंगे कल करेंगे ऐसा कह कर उधार न करो। कल का दिन तुम्हारे जीवन में न आये , ऐसा भी हो सकता है। यह मानव देह देव दुर्लभ तो है , किन्तु क्षणभंगुर भी है। एक क्षण भी उधार न करो तुरन्त भक्ति प्रारम्भ करो।
******जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज******
कल करेंगे कल करेंगे ऐसा कह कर उधार न करो। कल का दिन तुम्हारे जीवन में न आये , ऐसा भी हो सकता है।  यह मानव देह देव दुर्लभ तो है , किन्तु क्षणभंगुर भी है। एक क्षण भी उधार न करो तुरन्त भक्ति प्रारम्भ करो।
**********जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज**********


संसार को व्यवहार से खरीदा जा सकता है, एवं भगवान् को प्यार से।
----श्री महाराज जी।
संसार को व्यवहार से खरीदा जा सकता है, एवं भगवान् को प्यार से।
----श्री महाराज जी।

 

विपरीत वातावरण मिलने पर भी अन्त:करण विपरीत वातावरण से प्रभावित न हो वो साधक है।
.........श्री महाराजजी।
विपरीत वातावरण मिलने पर भी अन्त:करण विपरीत वातावरण से प्रभावित न हो वो साधक है।
 .........श्री महाराजजी।
Tears are an absolutely essential part of Sadhana. Saint Kabir says, "No one can reach his Divine beloved without shedding tears for Him." By shedding tears for God & Guru, we wash our sins away. Then, God & Guru, for whom tears are shed, enters the heart and makes it pure.
Tears are an absolutely essential part of Sadhana. Saint Kabir says, "No one can reach his Divine beloved without shedding tears for Him." By shedding tears for God & Guru, we wash our sins away. Then, God & Guru, for whom tears are shed, enters the heart and makes it pure.

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...