Thursday, April 25, 2013

शौक पैदा करो लोग हमें खराब कहें और हम हँसतें रहे।
........श्री महाराजजी।

 

हम किसी जीव को छोड देंगे,यह् कैसे सम्भव है ! यह तो उस व्यक्ति विशेष की स्थिति पर निर्भर करता है । जब तक अलग रहेगा तभी तक अलग रहेगा ।
लेकिन जैसे ही अन्दर से वह ठिक हो जायेगा, क्रुपालु को तुरन्त ही ठीक हो जाना पडेगा, चाहे उससे पुर्व उसने अनन्त अपराध किये हैं ॥

------तुम्हारा कृपालु.
हम किसी जीव को छोड देंगे,यह् कैसे सम्भव है ! यह तो उस व्यक्ति विशेष की स्थिति पर निर्भर करता है । जब तक अलग रहेगा तभी तक अलग रहेगा ।
लेकिन जैसे ही अन्दर से वह ठिक हो जायेगा, क्रुपालु को तुरन्त ही ठीक हो जाना पडेगा, चाहे उससे पुर्व उसने अनन्त अपराध किये हैं ॥

-तुम्हारा कृपालु

 

One should not harbour resentment even towards someone who is actually condemnable, because God resides even in his heart.
निन्दनीय के प्रती भी दुर्भावना न होने पाये क्योंकि उसके हृदय में भी तो श्रीकृष्ण हैं।
-----jagadguru shri kripalu ji maharaj.
हम भगवान् के आगे , उनको सामने खड़ा करके , रोकर उनका दर्शन , उनका प्रेम माँगे। रोकर माँगे ,अकड़ कर नहीं, जैसे कोई पानी में डूबने लगता है तो वो कितनी विहलता , व्याकुलता में हाथ- पैर ऊपर करता है, तैरना नहीं जानता है। जैसे मछली को बाहर दाल दो , कैसे तड़पती है, पानी के लिये। ऐसे ही श्यामसुन्दर के मिलन के लिये हमको तड़पना होगा।
बिनु रोये किन पाइयां प्रेम पियरो मीत।
******जगद्गुरु श्री कृपालु महाप्रभु******
हम भगवान् के आगे , उनको सामने खड़ा करके , रोकर उनका दर्शन , उनका प्रेम माँगे। रोकर माँगे ,अकड़ कर नहीं, जैसे कोई पानी में डूबने लगता है तो वो कितनी विहलता , व्याकुलता में हाथ- पैर ऊपर करता है, तैरना नहीं जानता है। जैसे मछली को बाहर दाल दो , कैसे तड़पती है, पानी के लिये। ऐसे ही श्यामसुन्दर के मिलन के लिये हमको तड़पना होगा।
बिनु रोये किन पाइयां प्रेम पियरो मीत।
******जगद्गुरु श्री कृपालु महाप्रभु******

 

ऐसे टाइम बिता जा रहा हे 30 साल के हो गये ,50 साल के हो गये , हा बिता जा रहा हे ,आगे नहीं बढ़ पा रहे हे , 1 दिन फट यमराज का आर्डर हो जायेगा.

आयु जल बुलबुला गोविंद राधे,
जाने कब फूट जाये सबको बता दे.

...
जब यम कालदंड, लै अइहै , देखि देखि डर पायेगा.
तब "कृपालु" धरि हाथ माथ पर, मन ही मन पछतायेगा.

- Jagadguru Shree Kripaluji Maharaj.
ऐसे टाइम बिता जा रहा हे 30 साल के हो गये ,50 साल के हो गये , हा बिता जा रहा हे ,आगे नहीं बढ़ पा रहे हे , 1 दिन फट यमराज का आर्डर हो जायेगा. 

आयु जल बुलबुला गोविंद राधे,
जाने कब फूट जाये सबको बता दे.

जब यम कालदंड, लै अइहै , देखि देखि डर पायेगा.
तब "कृपालु" धरि हाथ माथ पर, मन ही मन पछतायेगा. 

- Jagadguru Shree Kripaluji Maharaj

 

वे सदेव देने को तैयार बैठे है ,यदि लेने वाला न ले तो वह क्या करे ?उन्होने आपको दे दिया,लेकिन लिया या नहीं यह लेने की पात्रता पर निर्भर है .
वे सदेव देने को तैयार बैठे है ,यदि लेने वाला न ले तो वह क्या करे ?उन्होने आपको दे दिया,लेकिन लिया या नहीं यह लेने की पात्रता पर निर्भर है .

 
संसार ही भगवद्विषयक प्रवृति का प्रथम गुरु है, जो असक्त जीव को जूते मार मार कर संसार के प्रति वैराग्य जाग्रत करवा देता है.

The Material World acts as the first Guru for the Soul entangled in worldly desires because by inflicting miseries on him, it helps him develop detachment from the world.

- Jagadguru Shree Kripaluji Maharaj.
संसार ही भगवद्विषयक प्रवृति का प्रथम गुरु है, जो असक्त जीव को जूते मार मार कर संसार के प्रति वैराग्य जाग्रत करवा देता है.

The Material World acts as the first Guru for the Soul entangled in worldly desires because by inflicting miseries on him, it helps him develop detachment from the world.

- Jagadguru Shree Kripaluji Maharaj

 

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...