This Blog is dedicated to the Lotus Feet of my Spiritual Master - Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj, who is the Descension of the Bliss of Divine Love, who is illuminating the entire world with light of His Vedic and Yogic knowledge of our Scriptures. Jai Shree Radhey!!!
Friday, May 24, 2013
World
only has miseries stored for us, it's not a negative approach! It's
very much positive, as continuous thinking of same with "healthy
mindset" leads us on the path of true knowledge and finally towards
Devotion. Spasmodic happiness are also bad as when they end they leave
behind sorrow. So let us realise the futility of this material arena and
excel in devotion.......... Radhey Radhey.
सावधान ..... यमराज देख रहा है.....
मानव देह क्षण भंगुर है ,कल आवे न आवे। यमराज हर पल तके हुए है .... टाइम
पूरा हुआ नहीं कि...... without Permission बिना बताये ले जायेगा वो।
जो मायाधीन है , पापात्मा है ...उसे घसीटते हुए ले जायेगा .....दंड देने के लिए ....
काल बड़ा बलवान है........इसमें भगवान् भी दखल नहीं देते......... और न संत .....
हम नहीं याद रखते ...भूल जाते हैं बार बार......इसीलिए ये सब लापरवाही हो रही है सबकी।
जरा सोचो...अगर अभी छिन गया तो फिर ......?......तो फिर जो स्मरण करते
होगे आप ....मृत्यु के समय वैसी ही चित्तवृत्ति रहेगी और मरने के बाद वही
गति मिलेगी।
बस यही सोचते हैं कि ..अभी तो हम दस साल के हैं , बीस साल के , पचास के हैं।
इसलिए कल कल मत करो ...अभी करो....जल्दी करो......टाइम बीता जा रहा है।
जो करने के लिए भगवान् ने मानव देह दिया है वो करो।
----------- तुम्हारा कृपालु।
सावधान ..... यमराज देख रहा है.....
मानव देह क्षण भंगुर है ,कल आवे न आवे। यमराज हर पल तके हुए है .... टाइम पूरा हुआ नहीं कि...... without Permission बिना बताये ले जायेगा वो।
जो मायाधीन है , पापात्मा है ...उसे घसीटते हुए ले जायेगा .....दंड देने के लिए ....
काल बड़ा बलवान है........इसमें भगवान् भी दखल नहीं देते......... और न संत .....
हम नहीं याद रखते ...भूल जाते हैं बार बार......इसीलिए ये सब लापरवाही हो रही है सबकी।
जरा सोचो...अगर अभी छिन गया तो फिर ......?......तो फिर जो स्मरण करते होगे आप ....मृत्यु के समय वैसी ही चित्तवृत्ति रहेगी और मरने के बाद वही गति मिलेगी।
बस यही सोचते हैं कि ..अभी तो हम दस साल के हैं , बीस साल के , पचास के हैं।
इसलिए कल कल मत करो ...अभी करो....जल्दी करो......टाइम बीता जा रहा है।
जो करने के लिए भगवान् ने मानव देह दिया है वो करो।
----------- तुम्हारा कृपालु।
मानव देह क्षण भंगुर है ,कल आवे न आवे। यमराज हर पल तके हुए है .... टाइम पूरा हुआ नहीं कि...... without Permission बिना बताये ले जायेगा वो।
जो मायाधीन है , पापात्मा है ...उसे घसीटते हुए ले जायेगा .....दंड देने के लिए ....
काल बड़ा बलवान है........इसमें भगवान् भी दखल नहीं देते......... और न संत .....
हम नहीं याद रखते ...भूल जाते हैं बार बार......इसीलिए ये सब लापरवाही हो रही है सबकी।
जरा सोचो...अगर अभी छिन गया तो फिर ......?......तो फिर जो स्मरण करते होगे आप ....मृत्यु के समय वैसी ही चित्तवृत्ति रहेगी और मरने के बाद वही गति मिलेगी।
बस यही सोचते हैं कि ..अभी तो हम दस साल के हैं , बीस साल के , पचास के हैं।
इसलिए कल कल मत करो ...अभी करो....जल्दी करो......टाइम बीता जा रहा है।
जो करने के लिए भगवान् ने मानव देह दिया है वो करो।
----------- तुम्हारा कृपालु।
When
devotees see the manifestation of Divine Love emotions, sattvic bhavas
in the Saint from time to time, their enthusiasm and dedication
naturally increases. By personally seeing these divine states, the
spiritual aspirant develops firm faith in this path and progresses very
quickly. He feels confident that he can also attain those divine
qualities one day.
-----jagadguru shri kripalu ji maharaj .
-----jagadguru shri kripalu ji maharaj .
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