Tuesday, July 2, 2013

MESSAGE FROM SHRI GURUDEV........

Through selfless devotion anyone can find Krishna. There is no question of religion, culture or nationality because "devotion to Krishna" is not a religion. It is the unity of your heart and mind with the supreme power of Divine Love.

MESSAGE FROM MASTER...........

सहनशील बनो तथा कभी भी किसी की बात को फील न करो। सदा अपने अंदर झाँको। दूसरा चाहे कुछ भी करे, तुम्हें तो बस अपने से ही मतलब रखना चाहिए। यदि कोई कमाएगा तो भी अपने लिए ,गँवाएगा तो भी अपने लिए ।
------श्री महाराजजी।

Shri Maharaj Ji says:

Shri Maharaj Ji says:

We all work towards other people calling us "good". This is a big reason for our downfall. We should spend our energies trying to be "good" instead.

जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज.............

आँसू बहाने से अन्तःकरण शुद्ध होगा, याद कर लो सब लोग, रट लो ये कृपालु का वाक्य। भोले बालक बनकर रोकर पुकारो, राम दौड़े आयेंगे। सब ज्ञान फेंक दो, कूड़ा-कबाड़ा जो इकट्ठा किया है। अपने को अकिंचन, निर्बल, असहाय, दींन हीन, पापात्मा महसूस करो, भीतर से, तब आँसू की धार चलेगी, तब अन्तःकरण शुद्ध होगा, तब गुरु कृपा करेगा। गुरु की कृपा से राम के दर्शन होंगे, राम का प्यार मिलेगा और सदा के लिये आनन्दमय हो जाओगे।

-------जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज।

MESSAGE FROM MASTER..........

ALL INDIVIDUAL SOULS ARE ETERNAL,IMMORTAL AND UNBORN.
..........SHRI MAHARAJJI.

ऐसे है हमारे महाराजजी...........

ऐसे है हमारे महाराजजी...........

कैसी तेज गति है उनकी एक क्षण भी अपना व्यर्थ नहीं जाने देते हैं। सर्दी गर्मी बरसात आँधी तूफान कैसा भी मौसम हो वे सदैव गतिशील ही रहते हैं। उनकी दिनचर्या में कोई अंतर नहीं होता कैसे भी परिस्थिति हो कैसा भी उनका स्वास्थ्य हो, अपने सुख को तो भूल ही गये हैं ,सदैव अपने शरणागत जीवों का सुख का ही चिंतन करते रहते हैं।

श्री महाराजजी बताते हैं कि:

"श्री महाराजजी बताते हैं कि: तीन चीज़ प्रमुख है- 'हरि', 'गुरु' और 'हरि-गुरु' की मिलन वाली पावर, 'भक्ति'। इन तीनों में 'अनन्य' रहो।"

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...