Monday, August 19, 2013

Don’t think that Krishn is Almighty Supreme God Who is not easily accessible to common souls. He is just yours.
-------SHRI MAHARAJJI.
श्यामसुन्दर की बुद्धि से ही वे समझ में आयेंगे ऐसा समझ कर अपनी समझ ( बुद्धि ) को श्यामसुंदर के चरणों में समर्पित कर देना चाहिये !
~~~~~~~जगद्गुरु श्री कृपालु महाप्रभु~~~~~~~~
RADHEY-RADHEY.
Shri Maharaj Ji's lecture will now also air on Channel News24 from 6:25am to 6:50am from 19th August 2013.
हरि, और हरि के जन यानि महापुरुष, इन दोनों से छल-कपट नहीं चल सकता।
.........श्री महाराजजी।
हे जीव ! समस्त शास्त्रों का ज्ञान त्याग के एक ही ज्ञान ह्रदय में धारण कर ले कि श्रीहरि का सुख ही तेरा सुख है ।

----------जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाप्रभु।
गुरु मेटत अँधियार।
श्यामसुंदर तुमसे मिलने को व्याकुल हैं......किन्तु तुम यह नहीं जानते थे।

अब यदि जान भी गए हो तो...............................मानना नहीं चाहते।

तुमने संसार में अकारण करुणा का व्यवहार कहीं नहीं देखा है........शायद इसीलिए अप्रतीती होती है।

यदि तुम यह मान लो की.........वे आज और अभी ही तुमसे मिलने को व्याकुल हैं, तो बस तुम्हारे ह्रदय में भी उनके जैसी ही व्याकुलता उत्पन्न हो जाये और बस ...वे मिल जायेंगे।

वो तुम्हारे झूठ मूठे रूप ध्यान , नाम , गुण आदि को भी तन्मयता से सुनते और देखते हैं...की शायद अब की बार ठीक से करेगा।

पर होता क्या है...? वो परखते ही रह जाते हैं.......और तुम उनके अहैतुकी स्नेह को न समझने के कारण ठीक ठीक नहीं कर पाते।

इसलिए तुम उपरोक्त बात को मान लो ...जिस समय तुम मेरी बात पर विश्वास कर लोगे...बस यही स्वर्ण मुहूर्त होगा तुम्हारा।

----- तुम्हारा कृपालु।

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...