This Blog is dedicated to the Lotus Feet of my Spiritual Master - Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj, who is the Descension of the Bliss of Divine Love, who is illuminating the entire world with light of His Vedic and Yogic knowledge of our Scriptures. Jai Shree Radhey!!!
Saturday, April 5, 2014
भगवान तुमकों नहीं भूलते। वो तुम्हारे हृदय में बैठे हैं, सदा सर्वत्र।
वो तुम्हारा साथ नहीं छोड़ते कभी भी। तुम ही भूले हुए हो अपने वास्तविक संबंधी को। भगवान कहते हैं:- बस मेरा स्मरण करो, और कुछ न करो। मैं सबकुछ करूँगा तुम्हारा। तुम खाली स्मरण करो, बाकी सब काम में करूँगा, और सदा के लिए अपना बना लूँगा।
------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाप्रभु।
वो तुम्हारा साथ नहीं छोड़ते कभी भी। तुम ही भूले हुए हो अपने वास्तविक संबंधी को। भगवान कहते हैं:- बस मेरा स्मरण करो, और कुछ न करो। मैं सबकुछ करूँगा तुम्हारा। तुम खाली स्मरण करो, बाकी सब काम में करूँगा, और सदा के लिए अपना बना लूँगा।
------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाप्रभु।
प्रेम
सर्वत्र कोमल होता है, किन्तु उसमें एक दृढ़ पकड़ होती है। वह प्रियतम को
छोड़कर नहीं रह सकता और न ही वह भक्ति के आनंद को अपने तक ही सीमित रखता
है। वह अपने सर्वस्व , अपने प्रियतम प्रभु की सेवा बड़े प्रेम से करता है।
उसका प्रत्येक कर्म सेवा ही होती है। उसी प्रकार अपनी समस्त इन्द्रियों को
उनकी सेवा में लगा देना ही भक्ति है। अपनी सेवा, अपने समपर्ण से प्रभु को
प्रसन्न करना ही भक्ति है।
--------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।
--------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।
Scientists
estimate with their telescopes that Milky Way, which is one of the 1
billion galaxies in the universe, has 100 billion suns. Modern science
thus estimates there are 10 to the power 20 suns in our universe. Vedas
tell us ours is only one of the infinite universes. How tiny we are in
this amazingly vast creation! And how unspeakably great is the Creator
of the world!
........SHRI MAHARAJJI.
........SHRI MAHARAJJI.
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