This Blog is dedicated to the Lotus Feet of my Spiritual Master - Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj, who is the Descension of the Bliss of Divine Love, who is illuminating the entire world with light of His Vedic and Yogic knowledge of our Scriptures. Jai Shree Radhey!!!
Wednesday, April 9, 2014
श्री महाराज जी द्वारा --------
हम दस - पन्द्रह सालों से गुरु के साथ में रह रहे हैं और बड़े अहंकार से कहते हैं कि मेरे को पन्द्रह साल हो गये सत्संग में चलते हुये ! लेकिन ये नहीं सोचते कि पाने वाले एक हफ्ते में पा लेते हैं , लेकिन हम लोग पन्द्रह साल तक भी कुछ नहीं पा सके ! हमारे कीर्तन में भी आँसू नहीं आते , इतने साल से गुरु का संग मिल रहा है, फिर भी दीनता नहीं आई , गुरु ने इतना अपनापन दिया , फिर भी प्यार हमारा उनसे न हो सका ! बार - बार अपने अन्दर की गलतियों को रियलाइज करके आँसू बहाओ।
हम दस - पन्द्रह सालों से गुरु के साथ में रह रहे हैं और बड़े अहंकार से कहते हैं कि मेरे को पन्द्रह साल हो गये सत्संग में चलते हुये ! लेकिन ये नहीं सोचते कि पाने वाले एक हफ्ते में पा लेते हैं , लेकिन हम लोग पन्द्रह साल तक भी कुछ नहीं पा सके ! हमारे कीर्तन में भी आँसू नहीं आते , इतने साल से गुरु का संग मिल रहा है, फिर भी दीनता नहीं आई , गुरु ने इतना अपनापन दिया , फिर भी प्यार हमारा उनसे न हो सका ! बार - बार अपने अन्दर की गलतियों को रियलाइज करके आँसू बहाओ।
WHEN
A SOUL DESPERATELY CRIES FOR 'RADHARANI', SHE RUNS TO HIM WITHOUT EVEN
CARING FOR HERSELF.WHEN A SOUL LOVINGLY CALLS 'RADHEY! 'RADHEY!'
RADHARANI ALSO SHEDS TEARS OF LOVE FOR HIM.THE DEVOTEE FURTHER
SAYS,"WHEN RADHA RANI HERSELF IS MY DIVINE GUARDIAN,WHY SHOULD I BE
AFRAID OF ANYTHING IN THE WORLD."
-----JAGADGURU SHRI KRIPALUJI MAHARAJ.
-----JAGADGURU SHRI KRIPALUJI MAHARAJ.
Tuesday, April 8, 2014
Even
if a man is given all the possible material possessions anyone could
ever want, his desire for more will be exactly the same as it was at the
very beginning.
सम्पूर्ण विश्व के सम्पूर्ण पदार्थ स्त्री आदि, यदि एक व्यक्ति को दे दिये जायें तो भी उसकी कामना उसी प्रकार बनी रहेगी, जैसे प्रारम्भ में थी।
..........SHRI MAHARAJ JI.
सम्पूर्ण विश्व के सम्पूर्ण पदार्थ स्त्री आदि, यदि एक व्यक्ति को दे दिये जायें तो भी उसकी कामना उसी प्रकार बनी रहेगी, जैसे प्रारम्भ में थी।
..........SHRI MAHARAJ JI.
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Baar Baar suno, Baar Baar suno, tab tatvagyan paripakva hoga. Ye jo hum Logo ko Brham hota hai ki yeh to maine bahut suna hai, yeh to mein j...
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ए # मनुष्यों ! # मानव_देह प्राप्त हुआ है , # भगवतप्राप्ति के लिये केवल, इसकाे मत गँवाओ, व्यर्थ # भाेग_विलास में केवल लिप्त रह कर...






