Tuesday, January 7, 2020

अरे मनुष्यों ....!!!
ये देव दुर्लभ शरीर है। देवता लोग याचना करते हैं इसकी। वह पा चुके हो। इसकी कीमत समझो और तुरंत महापुरुष के बताए मार्ग पर चलकर अपना कल्याण करो।
-------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।
तुम 'कृपालु' को क्या दोगे? 'कृपालु' तुमसे कुछ लेने नहीं,तुम्हें कुछ देने आया है।
.........श्री महाराजजी।
संसार में जब किसी नदी पर नांव में बैठ कर जाते हैं तो हमेशा संभल कर नांव में बैठे रहते हैं डर रहता है की पानी की ओर झुकेंगे तो कहीं नदी में डूब ना जाये। ठीक वैसे ही भगवान की ओर जाते समय गुरु के बताये मार्ग पर ही आगे जाना है।
.......जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।
मन ही शुभाशुभ कर्म करे बामा।
याते मन ते ही करो भक्ति आठु यामा।।
भावार्थः- मन ही शुभ अशुभ कर्मों का कर्ता है। अतएव मन से ही श्यामा श्याम की निरन्तर भक्ति करो। केवल इन्द्रियों द्वारा की गई भक्ति भक्ति नहीं है।
(श्यामा श्याम गीत)
#जगद्गुरु_श्री_कृपालु_जी_महाराज
सर्वाधिकार सुरक्षित:-राधा गोविन्द समिति।
जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज के दिव्य प्रवचन एवं मधुर संकीर्तन निम्न टेलीविज़न चैनल्स पर अवश्य श्रवण करें।

Thursday, August 15, 2019

"O Shri Krishna! You have uncountable divine associates, but You alone are my only refuge. I have suffered all kinds of pain in this world. Please listen to my cries."
.........SHRI MAHARAJ JI.

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...