Tuesday, August 21, 2012

GRACIOUS MAHARAJJI.

MY MAHARAJJI(JAGADGURU SHRI KRIPALUJI MAHARAJ) IS THE EMBODIMENT OF GRACE.GRACE OUTSIDE,GRACE INSIDE,GRACE AND ONLY GRACE.
HE IS 'KRIPALU'!

No comments:

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...