Monday, July 8, 2013

"गलती प्रत्येक व्यक्ति करता है,अत: सबसे नम्रता एवं दीनता का व्यवहार करो,सबको अपने से इतना बड़ा मानो कि दूसरा तुम्हारी दीनता को देख कर पानी-पानी हो जाये।
------श्री महाराजजी।"

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...