Saturday, November 19, 2016

प्रिय साधक मित्रों...!!!
श्री महाराजजी के समस्त सत्संगी जनवरी में वृन्दावन पहुँचिये।और प्रेम मंदिर प्रांगण में इस दिव्य 'जगद्गुरुत्तम दिवस महोत्सव' का आनंद लीजिये। volunteers की भी बहुत अधिक संख्या में सेवा कार्यों में आवश्यकता होगी, इसलिए सभी से विनती है की अवश्य वृन्दावन आइये।
जय श्री राधे।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...