Friday, July 14, 2017

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज के श्रीमुख से...!!!

तुम संसार से मन हटा कर राधाकृष्ण में,गुरु में लगाओ तो मन शुद्ध होगा। जिसको कृपा का भरोसा हो गया उसको और कुछ नहीं करना। उस कृपा के भरोसे को लाने के लिये साधना करनी होती है। कीर्तन करो,रूपध्यान करो,आँसू बहाओ,क्षमा माँगो अपने पापों की। ये सब साधनायें जो बताते हैं संत लोग इसलिये कि इससे मन शुध्द हो, जितना मन शुध्द होगा उतना ही विश्वास होगा।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...