Tuesday, September 5, 2017

नंद यशोदा वारो,मेरो प्रानन प्यारो।
वापै तन मन वारो, मेरो प्रानन प्यारो।
मोर मुकुट वारो, मेरो प्रानन प्यारो।
मृदु मुसकनि वारो, मेरो प्रानन प्यारो।।
------ जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।

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