Saturday, June 1, 2019

आनंदसिंधु भगवान को पाकर ही जीव सदा सदा के लिए आनंदमय हो सकता है, इसके अतिरिक्त आनंदप्राप्ति का कोई और उपाय नहीं है, नहीं है, नहीं है।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...