Monday, July 29, 2019

कोई भी चीज़ होगी वह विश्वास पर निर्भर करती है। आपको विश्वास जितनी मात्रा में हो गया बस उतनी मात्रा में आप का काम बन गया। और विश्वास करना ये आपके हाथ में है। ये तो सन्त और भगवान् नहीं करा सकते।
#जगद्गुरु_श्री_कृपालु_जी_महाराज

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...