This Blog is dedicated to the Lotus Feet of my Spiritual Master - Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj, who is the Descension of the Bliss of Divine Love, who is illuminating the entire world with light of His Vedic and Yogic knowledge of our Scriptures. Jai Shree Radhey!!!
Monday, May 20, 2013
सकल सुमंगल धाम हैं, सतगुरु के चरणार l
चरण कमल में वंदना, बार बार नमस्कार ll
चरण कमल गुरुदेव के, जो जन हिय बसाए l
अगम अपार भव सिन्धु से, सहजे ही तर जाए ll
...
जीवों को लख कर दुखी, लिया प्रभु अवतार l
परमहंस के रूप में, प्रकटे या संसार ll
सदुपदेश सुनाय कर, सत्पथ रहे दिखाय l
माया काल के फंद से, रहे हैं जीव छुड़ाय ll
भक्ति पंथ दरसाय कर, किया अमित उपकार l
भवसागर में डूबते, लीन्हे जीव उबार ll
जो माने सतगुरु वचन, भ्रम संशय मिट जाए l
आधि व्याधि नाशे सकल, सुख में रहे समाय ll
भक्ति के हैं जगत में, दाता सतगुरुदेव l
ताते श्रद्धा भाव से, करो गुरु की सेव ll
सतगुरु बिन नहीं जीव का, परम हितैषी और l
सो सौभागी जीव है, पावे चरणन ठौर ll
परम पुरुष सतगुरु मिले, बड़े पुण्य परताप l
दर्शन करत ही मिटत हैं, पाप ताप संताप ll
नाम अमोलक बक्श कर, किया बहुत उपकार l
जो जन सुमिरे भाव से, पावे सुख अपार ll
भवसागर का पोत है, गुरु का साचा नाम l
ताते श्रद्धा भाव से, सुमिरो आठों याम ll
महिमा सतगुरुदेव की, अगम अनन्त अपार l
हारे शेष अरु शारदा, वेद न पावें पार ll
भवसागर गंभीर में, डूब रहा संसार.
चरण कमल में वंदना, बार बार नमस्कार ll
चरण कमल गुरुदेव के, जो जन हिय बसाए l
अगम अपार भव सिन्धु से, सहजे ही तर जाए ll
...
जीवों को लख कर दुखी, लिया प्रभु अवतार l
परमहंस के रूप में, प्रकटे या संसार ll
सदुपदेश सुनाय कर, सत्पथ रहे दिखाय l
माया काल के फंद से, रहे हैं जीव छुड़ाय ll
भक्ति पंथ दरसाय कर, किया अमित उपकार l
भवसागर में डूबते, लीन्हे जीव उबार ll
जो माने सतगुरु वचन, भ्रम संशय मिट जाए l
आधि व्याधि नाशे सकल, सुख में रहे समाय ll
भक्ति के हैं जगत में, दाता सतगुरुदेव l
ताते श्रद्धा भाव से, करो गुरु की सेव ll
सतगुरु बिन नहीं जीव का, परम हितैषी और l
सो सौभागी जीव है, पावे चरणन ठौर ll
परम पुरुष सतगुरु मिले, बड़े पुण्य परताप l
दर्शन करत ही मिटत हैं, पाप ताप संताप ll
नाम अमोलक बक्श कर, किया बहुत उपकार l
जो जन सुमिरे भाव से, पावे सुख अपार ll
भवसागर का पोत है, गुरु का साचा नाम l
ताते श्रद्धा भाव से, सुमिरो आठों याम ll
महिमा सतगुरुदेव की, अगम अनन्त अपार l
हारे शेष अरु शारदा, वेद न पावें पार ll
भवसागर गंभीर में, डूब रहा संसार.
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Baar Baar suno, Baar Baar suno, tab tatvagyan paripakva hoga. Ye jo hum Logo ko Brham hota hai ki yeh to maine bahut suna hai, yeh to mein j...
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ए # मनुष्यों ! # मानव_देह प्राप्त हुआ है , # भगवतप्राप्ति के लिये केवल, इसकाे मत गँवाओ, व्यर्थ # भाेग_विलास में केवल लिप्त रह कर...






