This Blog is dedicated to the Lotus Feet of my Spiritual Master - Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj, who is the Descension of the Bliss of Divine Love, who is illuminating the entire world with light of His Vedic and Yogic knowledge of our Scriptures. Jai Shree Radhey!!!
Thursday, June 27, 2013
Tuesday, June 25, 2013
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है........
यहाँ सर दे के होते है सौदे, आशिकी इतनी सस्ती नहीं है॥
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है.........
प्रेम वालो ने कब वक्त पूछा, उनकी पूजा में सुन ले ऐ उद्धव।। यहाँ दम दम होती है पूजा, सर झुकाने की फुर्सत नहीं है॥
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है...........
जो असल में है मस्ती में डूबे, उन्हें क्या परवाह जिंदगी की। जो उतरती है चढ्ती है मस्ती, वो हकीकत में मस्ती नहीं है॥
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है............
जिनकी नज़रो में है श्याम प्यारे, वो तो रहते हैं जग से न्यारे। जिनकी नजरो में मोहन समाये,
वो नज़र फिर तरसती नहीं है॥
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है.............
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है............................ ...
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है........
यहाँ सर दे के होते है सौदे, आशिकी इतनी सस्ती नहीं है॥
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है.........
प्रेम वालो ने कब वक्त पूछा, उनकी पूजा में सुन ले ऐ उद्धव।। यहाँ दम दम होती है पूजा, सर झुकाने की फुर्सत नहीं है॥
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है...........
जो असल में है मस्ती में डूबे, उन्हें क्या परवाह जिंदगी की। जो उतरती है चढ्ती है मस्ती, वो हकीकत में मस्ती नहीं है॥
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है............
जिनकी नज़रो में है श्याम प्यारे, वो तो रहते हैं जग से न्यारे। जिनकी नजरो में मोहन समाये,
वो नज़र फिर तरसती नहीं है॥
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है.............
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है............................ ...
यहाँ सर दे के होते है सौदे, आशिकी इतनी सस्ती नहीं है॥
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है.........
प्रेम वालो ने कब वक्त पूछा, उनकी पूजा में सुन ले ऐ उद्धव।। यहाँ दम दम होती है पूजा, सर झुकाने की फुर्सत नहीं है॥
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है...........
जो असल में है मस्ती में डूबे, उन्हें क्या परवाह जिंदगी की। जो उतरती है चढ्ती है मस्ती, वो हकीकत में मस्ती नहीं है॥
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है............
जिनकी नज़रो में है श्याम प्यारे, वो तो रहते हैं जग से न्यारे। जिनकी नजरो में मोहन समाये,
वो नज़र फिर तरसती नहीं है॥
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है.............
ये तो प्रेम की बात है उद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है............................
The
name of God is endowed with all His powers. If one develops a firm
conviction that God and His names are not two separate entities, but are
both one and the same, he will certainly attain God. Therefore, you
need not fall prey to the tricks of dodgy babas. First purify your heart
and make it eligible to receive the grace of Guru.
..........JAGADGURU SHRI KRIPALU JI MAHARAJ.
..........JAGADGURU SHRI KRIPALU JI MAHARAJ.
मन ! ‘मैं’ को मत छोड़ तू , दास जोड़ दे और |
‘मेरा’ भी रख साथ में , सो रसिकन सिरमौर ||३१||
भावार्थ – हे मन ! तू ‘मैं’ को मत छोड़ | वरन ‘मैं’ के आगे दास को और जोड़
दे (मैं दास हूँ) मेरा भी मत छोड़ | वरन मेरा के आगे रसिक शेखर श्रीकृष्ण
जोड़ दे | (मेरे स्वामी)
(भक्ति शतक )
जगदगुरु श्री कृपालुजी महाराज द्वारा रचित |
‘मेरा’ भी रख साथ में , सो रसिकन सिरमौर ||३१||
भावार्थ – हे मन ! तू ‘मैं’ को मत छोड़ | वरन ‘मैं’ के आगे दास को और जोड़ दे (मैं दास हूँ) मेरा भी मत छोड़ | वरन मेरा के आगे रसिक शेखर श्रीकृष्ण जोड़ दे | (मेरे स्वामी)
(भक्ति शतक )
जगदगुरु श्री कृपालुजी महाराज द्वारा रचित |
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