This Blog is dedicated to the Lotus Feet of my Spiritual Master - Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj, who is the Descension of the Bliss of Divine Love, who is illuminating the entire world with light of His Vedic and Yogic knowledge of our Scriptures. Jai Shree Radhey!!!
Monday, April 28, 2014
Saturday, April 26, 2014
साधकों
को सावधान करते हुये कहा गया है ; भगवान् एवं भगवज्जन के कार्य लीला मात्र
हैं। लीला रसास्वादन हेतु होता है। बुद्धि का प्रयोग लीला में वर्जित है।
भगवान् के सभी नाम , रूप , लीला , गुण , धाम व जन दिव्य हैं। यानी सांसारिक
बुद्धि का प्रयोग करने से जीव भ्रम में पड़ जायगा। ' संशयात्मा विनश्यति '
रामावतार में सीता को खोजते हुये , अज्ञता का अभिनय करते हुये श्रीराम को
देखकर सती को भ्रम हो गया। वे उन्हें साधारण राजकुमार समझ कर परीक्षा ले
बैठीं। परिणाम स्वरूप भगवान् शिव ने उसका परित्याग कर दिया। पुनः पार्वती
के रूप में भगवान् शिव के मुख से श्रद्धा पूर्वक रामचरित्र सुना। सती
द्वारा संशय किये जाने से संसार को रामचरित्र प्राप्त हुआ। सती ने स्वयं
शंका कर संसार को यह दिखाया कि भगवत्लीला में संशय नहीं करना चाहिये।
------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाप्रभु।
------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाप्रभु।
Whether
it is material know-how or spiritual knowledge, it is essential to
trust the instructor in order to learn. Even in school, the student who
doubts the teacher cannot progress on the path of education. The
instruction given by the teacher must be accepted. So it is with the
divine instructor. His answers have to be trusted; his judgment has to
be accepted.
------JAGADGURU SHRI KRIPALU JI MAHARAJ.
------JAGADGURU SHRI KRIPALU JI MAHARAJ.
Friday, April 25, 2014
जिस
प्रकार जल जाने के पश्चात् भी रस्सी अपने रस्सी रूप में ही संसार में
दिखाई देती है। इसी प्रकार से संसार को हरि हरिजन के शुभ व् अशुभ कर्म ही
दिखाई देते हैं उनका निर्विकार स्वरूप नहीं दीखता। उसे तो कोई महापुरुष ही
देख सकता है। साधक को सदैव यह विचार करना चाहिये कि मायाबद्ध अवस्था में
निरंतर अपनी मन - बुद्धि का योग हरि गुरु की बुद्धि से करने में ही कल्याण
है।
............जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।
............जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।
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Baar Baar suno, Baar Baar suno, tab tatvagyan paripakva hoga. Ye jo hum Logo ko Brham hota hai ki yeh to maine bahut suna hai, yeh to mein j...
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