Friday, April 25, 2014

संसार में न सुख है न दुख है,हमारी मान्यता से ही सुख या दुख मिलता है।
-----श्री महाराज जी।

No comments:

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...