Friday, April 11, 2014

जैसे लोभी धन कमाने के विषय में सोचता है,एसे ही भक्त भगवान का चिन्तन और प्रेम बढाने के विषय में सोचता है।
------श्री महाराज जी।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...