Saturday, April 12, 2014

श्री गुरु चरण शरण गहुँ , भजु श्री युगल किशोर !
तब ' कृपालु ' हरि कृपा ते , मिलई प्रेम चितचोर !!

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...