This Blog is dedicated to the Lotus Feet of my Spiritual Master - Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj, who is the Descension of the Bliss of Divine Love, who is illuminating the entire world with light of His Vedic and Yogic knowledge of our Scriptures. Jai Shree Radhey!!!
Friday, June 6, 2014
कभी
यह न सोचो कृपा की कमी है, कमी जो है वह हममें ही है | महापुरुष शरणागत के
लिये क्या-क्या भगीरथ प्रयत्न करता है, यह तो भगवत्प्राप्ति होने पर ही
साधक को समझ में आ सकता है | सब लोग कमरा बन्द करके सोचें तो पायेंगे कि
मेरा कितना कायापलट हो गया ? मैं कहाँ जा रहा था, कहाँ से कहाँ ला कर खड़ा
कर दिया महाराज जी ने ?
-----------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।
-----------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।
Thursday, June 5, 2014
हम
भगवान् के आगे , उनको सामने खड़ा करके, रो कर उनके दर्शन , उनका प्रेम
माँगे बस यही भक्ति। रो कर अकड़ कर नहीं , जैसे कोई पानी में डूबने लगता है
तो वो कितनी व्याकुलता में हाथ पैर उपर करता है , तैरना नहीं जानता
है।जैसे मछली को बाहर डाल दो , कैसे तड़पती है पानी के लिये । ऐसे ही
श्यामसुंदर के मिलन के लिये हमको तड़पना होगा। इस जन्म में अथवा हजार जन्म
बाद फिर। और ये करना पड़ेगा।
-----जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।
-----जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।
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