Friday, June 6, 2014

Unless god makes us understand, nothing can be understood.
जब तक भगवान न चाहें, हमारे लिए कुछ भी जानना संभव नहीं।
........श्री महाराजजी।

No comments:

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...