Saturday, June 14, 2014

मान ले उनको तू सिर्फ़ अपना.......सीख़ ले याद में बस तड़पना.........वे लगा लेंगे सीने से तुझको.......वे लगा लेंगे सीने से तुझको.........वे 'कृपालु' हैं तंगदिल नहीं हैं...........!!

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...