Sunday, June 8, 2014

'' मानव देह क्षणभंगुर है अतः उधार न करो !''
"Don't procrastinate starting spiritual practice; the human body is temporary and destructible."
......SHRI MAHARAJ JI.

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...