Monday, June 9, 2014

तुझे पाने की आरज़ू और तुझसे मिलने की जुस्तज़ू ............!
जिन्दगी इन दो ख्वाबों से शुरू और इन दो अरमानों पर खत्म............!!
राधे-राधे।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...