Monday, June 9, 2014

जो ममता सांसारिक जगत में दूषण है वह ईश्वरीय जगत में भूषण है। संसार में वह बंधनकारी है तो वहां वह भगवत्प्राप्ति करने वाली।
............श्री महाराज जी।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...