Saturday, June 14, 2014

इष्टदेव और गुरु में अभेद मानो। उनकी सेवा ही को अपना सर्वस्व मानो, उनकी इच्छा में ही इच्छा रखो।
-------श्री महाराज जी।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

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