This Blog is dedicated to the Lotus Feet of my Spiritual Master - Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj, who is the Descension of the Bliss of Divine Love, who is illuminating the entire world with light of His Vedic and Yogic knowledge of our Scriptures. Jai Shree Radhey!!!
Monday, July 7, 2014
अरे
मनुष्यों! ये मन इतना बड़ा दुश्मन है कि जैसे दुराचारिणी स्त्री अपने लवर
(lover) से मिलकर के अपने पति का वध करा देती है, ऐसे ही ये मन विषयों से
मिलकर के आत्मा का पतन करा देता है । इसको दोस्ती मत करना इससे कभी । और हम
लोग - हमारा मन कर रहा है सो जाओ, हमारा मन कर रहा है आज चले जी होटल
(hotel), हमारा मन कर रहा है ! हाँ हाँ । ये मन कर रहा है वो करोगे फिर तो
घूमा करो चौरासी लाख में । ये भगवान् का जेल (jail) है | वहाँ दाल नहीं
गलेगी, संसार में गल जाएगी । भगवान् के यहाँ नहीं गलेगी
। भगवान् स्वयं देखता है, स्वयं नोट करता है, और स्वयं जजमेंट देता है, और
स्वयं फल देता है । वो किसी को नहीं छोड़ता, अपने बाप को नहीं छोड़ता। दशरथ
जी मर गए, राम ने नहीं जिलाया। अरे उनको जिलाने में कुछ करना पड़ता क्या
।सोचा और हो गया ।
सत्य-संकल्प हैं भगवान्। लेकिन नहीं, उनका वो समय आ गया, वो गए, हमसे मतलब नहीं हैं बाप हो, चाहे कोई हो । इसलिए मन से भगवान् की भक्ति करने का हम जो आप लोगों से request करते हैं, हज़ार लाख बार कर चुके, उसको जब तक प्रैक्टिकल नहीं करोगे तब तक अनंत कोटि जगद्गुरु मिला करे, क्या होगा ! कह देना भगवान् से कि हाँ मिले थे और बड़े-बड़े लेक्चर (lecture) सब सुने थे हम और समझे भी थे । लेकिन हमारे मन ने कहा कि 'ऐसा है कि'।इस दो अंगुल की खोपड़ी ने सर्वनाश किया हुआ है,अरे! इसको संसार में लगाओ,भगवान में नहीं।
सत्य-संकल्प हैं भगवान्। लेकिन नहीं, उनका वो समय आ गया, वो गए, हमसे मतलब नहीं हैं बाप हो, चाहे कोई हो । इसलिए मन से भगवान् की भक्ति करने का हम जो आप लोगों से request करते हैं, हज़ार लाख बार कर चुके, उसको जब तक प्रैक्टिकल नहीं करोगे तब तक अनंत कोटि जगद्गुरु मिला करे, क्या होगा ! कह देना भगवान् से कि हाँ मिले थे और बड़े-बड़े लेक्चर (lecture) सब सुने थे हम और समझे भी थे । लेकिन हमारे मन ने कहा कि 'ऐसा है कि'।इस दो अंगुल की खोपड़ी ने सर्वनाश किया हुआ है,अरे! इसको संसार में लगाओ,भगवान में नहीं।
...........जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज।
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