Monday, July 7, 2014

हम जो चाहते हैं उसे प्रियतम जब चाहे दें , यह निष्काम प्रेम और हम जब चाहते हैं तभी दें , यह सकाम प्रेम।
----श्री महाराज जी।


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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...