Friday, July 4, 2014

हम दिन भर क्या कर रहे हैं? '420' ही तो कर रहे हैं की भगवान हमारा है। और सच क्या है कि उनको छोड़ करके संसार को अपना मान करके संसार ही में सुख ढूँढ रहे हैं।
........श्री महाराजजी।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...