Wednesday, July 23, 2014

तुमने समझा ही नहीं और ना ही समझना चाहा.....!
कि हमने चाहा ही क्या तुम्हारे सिवा......!!
राधे-राधे।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...