Saturday, July 19, 2014

भजन आज करेंगे, आज पर भी मत टालों। तुरन्त प्रारम्भ कर दो क्योंकि मृत्यु नाम की फाँसी आशा लगाये बैठी है।
.........जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाप्रभु।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...