Friday, September 16, 2011


शास्त्रों, वेदों, और महापुरुषों की वाणी के विरुद्ध जब कभी बुद्धि का फैसला हो तो यह सोचते रहना चाहिए की शास्त्र और महापुरुष गलत नहीं हो सकते ,हम ही गलत हैं।
-------श्री महाराजजी .

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...