Sunday, September 9, 2012

"भगवान और जीव को बीच में जोड़ने वाली चीज एक मात्र 'सेवा' ही है, उसी को 'भक्ति' भी कहते हैं। अर्थात सेवा ही भक्ति है, भक्ति ही सेवा है।"





 

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...