Thursday, March 21, 2013

जो श्री राधाकृष्ण भक्ति के मूर्तिमान स्वरुप है, ऐसे रसिक शिरोमणि है की स्वयं तो ब्रजरस में डूबे ही रहते है साथ ही बरबस पतितो को भी यह रस प्रदान करते है।कोई अधिकारी हो या ना हो सब पर ही कृपा सिन्धु 'श्री कृपालु गुरुदेव' कृपा की वर्षा करते है। ऐसे कृपासिंधु सदगुरुदेव के चरणों में कोटि कोटि प्रणाम।
जो श्री राधाकृष्ण भक्ति के मूर्तिमान स्वरुप है, ऐसे रसिक शिरोमणि है की स्वयं तो ब्रजरस में डूबे ही रहते है साथ ही बरबस पतितो को भी यह रस प्रदान करते है।कोई अधिकारी हो या ना हो सब पर ही कृपा सिन्धु 'श्री कृपालु गुरुदेव' कृपा की वर्षा करते है। ऐसे कृपासिंधु सदगुरुदेव के चरणों में कोटि कोटि प्रणाम।

 

No comments:

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...