Wednesday, March 20, 2013

मक्खन को जब ताप दिया जाता है तब वह पिघलने लगता है। परन्तु भक्त का हृदय दूसरों के दुःख से ही पिघलने लगता है।
*********जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज*********
मक्खन को जब ताप दिया जाता है तब वह पिघलने लगता है। परन्तु भक्त का हृदय दूसरों के दुःख से ही पिघलने लगता है।
*********जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज*********

 

No comments:

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...