Sunday, September 1, 2013

ईश्वरीय क्षेत्र में मन का ही महत्व है ! केवल शारीरिक रूप से सत्संग करने का विशेष लाभ नहीं है ! मन से श्रद्धायुक्त हो कर सत्संग जीव को ज्ञान , वैराग्य ,भक्ति सब कुछ दिला देगा !

--------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...