Sunday, September 1, 2013

"संसारी वस्तु का त्याग वास्तविक त्याग नहीं है, वरन मन की आसक्ति का त्याग ही त्याग है।
-------श्री महाराजजी।"

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...