Tuesday, March 17, 2015

"गुरु: कृपालुर्मम शरणम, वंदेsहं सद्गुरु चरणम।"
जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाप्रभु के दिव्य चरणों में कोटि-कोटि नमन.....!!!

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...