Wednesday, May 4, 2016

भगवान तुमकों नहीं भूलते। वो तुम्हारे हृदय में बैठे हैं, सदा सर्वत्र। वो तुम्हारा साथ नहीं छोड़ते कभी भी। तुम ही भूले हुए हो अपने वास्तविक संबंधी को। भगवान कहते हैं:- बस मेरा स्मरण करो, और कुछ न करो। मैं सबकुछ करूँगा तुम्हारा। तुम खाली स्मरण करो, बाकी सब काम मैं करूँगा, और सदा के लिए अपना बना लूँगा।

------जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाप्रभु।

No comments:

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...