Sunday, May 15, 2016

जीवात्मा के समस्त नाते केवल श्रीकृष्ण से ही हैं और वो नाता सनातन है, शेष नाते क्षणिक हैं और सीमित हैं । जीव श्रीकृष्ण का नित्य दास है तो जीव का लक्ष्य है - श्रीकृष्ण की सेवा प्राप्त करना।

----- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...