Tuesday, June 7, 2016

कुसंग से बचो ......!!!

भक्ति विरोधी हर ज्ञान , वस्तु , व्यक्ति कुसंग है। अपने गुरु , मार्ग , इष्ट को छोड़कर अन्य का संग कुसंग है।
......श्री महाराजजी।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...