Tuesday, June 7, 2016

जय जय राम,जय जय राम,जय जय राम,जय जय राम।
आओ भरत शत्रुघन लछिमन राम,लाओ जनकनंदिनीहुँ सँग महँ राम।
जिओ जुग जुग चारिहुँ भइयन राम, जय जय जुग जुग जिये जोरी सीता राम।

------- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज।

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