Tuesday, August 30, 2016

संसार काे पाने के लिये ताे चिन्तन प्लस प्रैक्टिस दाे चीजें करनी पड़ती है। लेकिन स्प्रिचुअल जगत में प्रैक्टिकल कुछ नहीं है केवल चिन्तन।
------ जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...