Thursday, December 6, 2018

हम लोगो को टेन्शन जो होता है इसलिये होता है न कि हम पहले भूल गये तत्वज्ञान कि हमारा बाप , हमारी माँ , हमारा बेटा , हमारा पडौसी हमारी खिलाफत करता है भीतर - भीतर ,आज बाहर करने लगा तो क्या आश्चर्य है । आज क्यों तुम्हे आश्चर्य हुआ , क्यों फीलिंग हुई , भीतर क्यों पिंच कर रहा है वो अपयश ? तत्वज्ञान नहीं है , इसलिये ।
#जगद्गुरु_श्री_कृपालु_जी_महाराज

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...