Wednesday, December 19, 2018

निष्कामता का अभिप्राय 'माँगना नहीं है कुछ चाहे प्राण निकल रहे हों।'
#जगदगुरूत्तम_श्री_कृपालु_जी_महाराज

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...